Blog Marathon - October 2022 - Day 12 - संघटन
जीने ही जद्दोजेहद,
तो हर कोई करता है,
कोई उभर पाता है,
कोई डूब जाता है||१||
जीवन की कश्ती है,
कभी तो डगमगाएगी,
आंधी से डर कर
कब तक एक कोने में दूबगकर बैठ पाएगी?||२||
आखरी सांस तक
कोशिश करना जरूरी है,
खुदपर विश्वास रखना
जरूरी है||३||
भगवान ने जिंदगी दी है,
उसका आदर करना जरूरी है,
हिम्मत और हौसला बुलंद कर
आगे बढना जरूरी है ||४||
आगे बढ़ने की होनी चाहिए,
हमेशा एक चाह,
सबको साथ लेकर आगे बढ़ना लाता है
एकी और एकजुट का एहसास||५||
अकेले चलना है बहुत विषम,
कोई साथ हो तो,
बन जाते हैं रास्ते के पत्थर भी
नरम और मुलायम||६||

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